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ये थे देश के सबसे पहले IAS, जो महज 21 साल की आयु में बने थे सिविल सर्वेंट

Govtvacancy Desk
3 Aug 2022 1:29 PM GMT
ये थे देश के सबसे पहले IAS, जो महज 21 साल की आयु में बने थे सिविल सर्वेंट
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IAS Officer: कौन थे देश के पहले आईएएस अफसर? सिर्फ 21 की उम्र में बन गए थे सिविल सर्वेंट

First Indian IAS: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा (Civil Service Exam) को सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है और हर साल लाखों छात्र इसमें शामिल होते हैं, लेकिन कुछ को ही सफलता मिल पाती है. इस एग्जाम के जरिए ही देश में आईएएस, आईपीएस, आईएफएस और आईआरएस का चयन होता है. टॉप रैंक हासिल करने वालों को आईएएस रैंक दी जाती है, लेकिन क्या आपको पता है कि यूपीएससी एग्जाम की शुरुआत कब हुई थी और भारत का पहला आईएएस अधिकारी (1st IAS Officer of India) कौन था?

अंग्रेजों ने शुरू की थी सिविल सेवा परीक्षा

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की ऑफिशियल वेबसाइट के अनुसार, भारत में भारत में सिविल सर्विस एग्जाम (Civil Service Exam) की शुरुआत साल 1854 में अंग्रेजों ने की थी. संसद की सेलेक्ट कमेटी की लॉर्ड मैकाले की रिपोर्ट के बाद सिविल सेवा परीक्षा की शुरुआत की गई थी, जबकि इससे पहले सिविल सर्वेंट्स का सेलेक्शन ईस्ट इंडिया कंपनी के निर्देशकों द्वारा किया जाता था और फिर उन्हें ट्रेनिंग के लिए लंदन के हेलीबरी कॉलेज भेजा जाता था और फिर भारत में उनकी पोस्टिंग होती थी.

भारतीयों के लिए काफी कठीन थी परीक्षा

साल 1854 में सिविल सेवा आयोग की स्थापना के बाद 1855 में पहली बार लंदन में परीक्षा का आयोजित की गई. इस एग्जाम के लिए न्यूनतम उम्र 18 साल और अधिकतम उम्र 23 साल तय की गई. उस समय भारतीयों के लिए परीक्षा काफी कठिन थी और उनका सिविल सर्वेंट के तौर पर सेलेक्शन काफी मुश्किल था.

कौन थे देश के पहले आईएएस अफसर?

सत्येंद्रनाथ टैगोर (Satyendranath Tagore) ने साल 1863 में सिविस सेवा परीक्षा में सफलता हासिल की और आईएएस अफसर बने. सत्येंद्रनाथ टैगोर, रवींद्रनाथ टैगोर (Rabindranath Tagore) के बड़े भाई थे और आधिकारिक तौर पर भारत के पहले आईएएस अफसर थे.

सत्येंद्रनाथ टैगोर ने इंग्लैंड में रहकर की तैयारी

सिविस सेवा परीक्षा (Civil Service Exam) की तैयारी के लिए सत्येंद्रनाथ टैगोर (Satyendranath Tagore) साल 1862 में इंग्लैंड रवाना हो गए थे और सिर्फ एक साल की तैयारी के बाद उन्हें 1863 में सिविल सर्विस के लिए चुना गया. इसके बाद एक साल तक उन्होंने इंग्लैंड में ही अपनी ट्रेनिंग पूरी की और साल 1864 में भारत लौटे. भारत लौटने के बाद सत्येंद्रनाथ टैगोर को बॉम्बे प्रेसीडेंसी में तैनात किया गया और कुछ महीनों के बाद उनकी पोस्टिंग अहमदाबाद शहर में कर दी गई.

सिर्फ 21 साल की उम्र में बन गए थे आईएएस अफसर

सत्येंद्रनाथ टैगोर (Satyendranath Tagore) का जन्म 1 जून 1842 को कोलकाता में हुआ था और जब वे आईएएस अधिकारी बने, तब उनकी उम्र महज 21 साल थी. उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई कोलकाता के हिंदू स्कूल से की थी. साल 1857 में कलकत्ता यूनिवर्सिटी (Calcutta University) के लिए एग्जाम देने वाले पहले छात्रों में से एक थे.

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