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अब 4 अप्रैल से शुरू होगी गेहूं की खरीदी, समर्थन मूल्य खरीदी में हुए ये बदलाव, फसल ले जाने से पहले जान लें जरूरी जानकारी

Govtvacancy Desk
28 March 2022 5:11 AM GMT
अब 4 अप्रैल से शुरू होगी गेहूं की खरीदी, समर्थन मूल्य खरीदी में हुए ये बदलाव, फसल ले जाने से पहले जान लें जरूरी जानकारी
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Wheat procurement will start from April 4

प्रदेश में 25 मार्च से शुरू होने वाली समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी अब 4 अप्रैल से शुरू होगी, समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी को लेकर इस बार कुछ बदलाव किए गए हैं। उपार्जन केंद्र पर अब तक गेहूं लाने के लिए इससे पहले तक सरकार द्वारा एसएमएस भेजे जाने की व्यवस्था थी, लेकिन इस बार से स्लॉट बुकिंग व्यवस्था प्रारंभ की जा रही है।

सात दिन पहले करना होगा स्लॉट बुक

पंजीयन कराने वाले किसानों को यदि अपना गेहूं बेचना है तो उन्हें सात दिन पहले ही तहसील कार्यालय जाकर स्लॉट बुकिंग करानी होगी। इसके बाद ही उपार्जन केंद्र पर गेहूं बेचा जा सकेगा। इसके अलावा भी स्लॉट बुकिंग के लिए कई विकल्प मुहैया कराए गए हैं।

दूसरा बदलाव फर्जी पंजीयन रोकने के लिए की गई नई व्यवस्था है। इसके तहत पंजीयन के लिए आधार को अनिवार्य किया गया है। आधार लिंक अनिवार्य कर देने से पंजीयन कराने वाले किसानों की संख्या में इस बार बहुत ज्यादा कमी आई है। पिछले साल की तुलना में इस बार 20761 कम किसानों ने पंजीयन कराया है। इसे लेकर अधिकारियों का तर्क है कि इस बार आधार लिंक अनिवार्य होने के अलावा शुरू से ही रकबा सत्यापन किया जा रहा था।

पटवारी और तहसीलदार पंजीयन के साथ रकबा सत्यापन कर रहे थे। इसलिए फर्जी पंजीयन नहीं हो पाए। रबी विपणन वर्ष 2022-2३ में समर्थन मूल्य पर उपज खरीदी के लिए इस बार काफी ज्यादा बदलाव किए गए हैं। सबसे पहले तो पंजीयन के दौरान आधार लिंक की अनिवार्यता सहित कई नए बदलाव देखने को मिले।

इसके बाद उपज खरीदी के लिए भी नई व्यवस्था बनाई गई है। इसके तहत किसानोंं को समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय करने के लिए एसएमएस के इंतजार को पूरी तरह से खत्म कर दिया है। किसान अब अपनी उपज विक्रय करने के लिए उपार्जन केन्द्र का चयन एवं उपज विक्रय की दिनांक स्वयं ई-उपार्जन पोर्टल पर कर सकेंगे।

ऐसे समझें व्यवस्था

प्रत्येक उपार्जन केन्द्र पर गेहूं की तौल क्षमता का निर्धारण पोर्टल पर किया जाएगा, जिसके अनुसार प्रति तौलकांटा प्रतिदिन 250 क्विंटल के मान से गणना की गई है। प्रत्येक उपार्जन केन्द्र पर प्रतिदिन न्यूनतम 1000 क्विंंटल उपज की तौल के लिए 4 तौल कांटे आवश्यक रूप से लगाए जाएंगे। उपार्जन केन्द्र पर गेहूं की आवक अनुसार तौल कांटों की संख्या में वृद्धि की जाएगी।

किसान द्वारा उपज विक्रय के लिए तहसील अंतर्गत (जहां कृषक की भूमि है) किसी भी उपार्जन केन्द्र का चयन किया किया जा सकेगा। कृषक की भूमि एक से अधिक तहसील में स्थित होने पर उनके द्वारा किसी एक तहसील के उपार्जन केंद्र का चयन करना होगा। केन्द्र की तौल क्षमतानुसार लघु/सीमात एवं बड़े कृषकों को मिलाकर स्लॉट बुकिंग की सुविधा रहेगी। प्रतिदिन 100 क्विंटल से अधिक विक्रय क्षमता के 4 कृषक तक हो सकेंगे। निर्धारित दिवस में उपार्जन केन्द्र की तौल क्षमतानुसार स्लॉट बुक होने पर कृषक को आगामी रिक्त क्षमता वाले दिवस के लिए स्लॉट करना होगा।

नई व्यवस्था में इस बार यह है नया

- mpeuparjan.nic.in पर 23 मार्च से स्लॉट बुकिंग की व्यवस्था चालू है। लिंक की जानकारी किसानों को उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एमएसएस के माध्यम से दी जा रही है।

- पंजीकृत/सत्यापित किसान स्वयं के मोबाइल/एमपी ऑनलाइन/ सीएससी/ग्राम पंचायत/लोक सेवा केन्द्र /इंटरनेट कैफे/ उपार्जन केन्द्र से स्लॉट बुकिंग कर सकते हैं।

-स्लॉट बुकिंग के लिए किसान को ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीकृत मोबाइल पर ओटीपी भेजा जाएगा, जिसे पोर्टल पर दर्ज करना होगा।

- किसान अपनी उपज विक्रय करने के लिए दो पारी में से कोई एक पारी (प्रात: 9.00 से दोपहर 1.00 बजे अथवा दोपहर 2.00 से 6 .00 बजे) का स्लॉट चुन सकते हैं।

-उपार्जन का कार्य सोमवार से शुक्रवार तक किया जाएगा।

-बुक स्लॉट की वैधता अवधि ३ कार्य दिवस होगी।

-स्लॉट बुकिंग करने के उपरांत उपार्जन केन्द्र का नाम, विक्रय योग्य मात्रा एवं विक्रय की दिनांक की जानकारी का प्रिन्ट निकाला जा सकेगा। एसएमएस से भी सूचना दी जाएगी।

- किसान द्वारा विक्रय की जाने वाली संपूर्ण उपज की स्लॉट बुकिंग एक समय में ही करनी होगी। आंशिक स्लॉट बुकिंग/आंशिक विक्रय नहीं किया जा सकेगा।

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