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लाल मूली की खेती कर किसान कमा रहे अच्छा मुनाफा, आप भी सिर्फ सिर्फ 25 दिन के अंदर कमा सकते है अच्छे पैसे

Govtvacancy Desk
22 Sep 2022 11:44 AM GMT
लाल मूली की खेती कर किसान कमा रहे अच्छा मुनाफा, आप भी सिर्फ सिर्फ 25 दिन के अंदर कमा सकते है अच्छे पैसे
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सफेद मूली से ऊब चुके हैं तो खेतों में लगायें लाल रंग की मूली, सिर्फ 25 दिन के अंदर 135 क्विंटल

लाल मूली की खेती : सब्जियों के साथ सलाद की सुंदरता को बढ़ाने वाली सफेद मूली का मीठा-खट्टा स्वाद किसे पसंद नहीं होता है. सफेद मूली न केवल पोषक तत्वों से भरपूर होती है, बल्कि सर्दियों में पानी की कमी को भी पूरा करती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि सफेद मूली की तुलना में लाल मूली की खेती अधिक फायदेमंद और लाभदायक है।

जी हां, भारत में विदेशी सब्जियों की बढ़ती मांग के बीच लाल मूली भी काफी लोकप्रिय हो रही है। ऐसे में किसानों के पास लाल मूली की फसल को बाजार में बेचने का अच्छा मौका है। आपको बता दें कि लाल मूली की फसल को फाइव स्टार होटल, मॉल, डिपार्टमेंटल स्टोर, ऑनलाइन मार्केट और यहां तक ​​कि बड़े शहरों के बाजारों में भी बेचा जा सकता है। इसके लिए जरूरी है कि उन्नत किस्म के बीजों और खेती के सही तरीकों का इस्तेमाल किया जाए, जिससे खेती की लागत कम हो और मुनाफा काफी बढ़ सके।

लाल मूली की खासियत

जानकारी के लिए हम आपको बता दें कि सफेद मूली की तुलना में लाल मूली ज्यादा महंगी बिकती है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और कैंसर रोधी गुण इसे सफेद मूली से काफी अलग बनाते हैं। अब तक खपत बड़े शहरों तक ही सीमित थी, लेकिन सोशल मीडिया के दौर में अब इसकी खेती छोटे शहरों और कस्बों में की जा रही है।

किसान उन्नत लाल मूली के बीज ऑनलाइन मंगवा सकते हैं। लाल मूली की पूसा मृदुला-लाल मूली किस्म भी भारत में ही बनाई गई है। यह गहरे लाल रंग की मूली 25 से 40 दिनों के भीतर 135 क्विंटल तक उत्पादन कर सकती है। इस स्तर पर उत्पादन उन्नत कृषि तकनीकों, सही मिट्टी और जलवायु पर निर्भर करता है।

मिट्टी और जलवायु

लाल मूली की खेती के लिए जीवाश्मयुक्त मिट्टी सबसे उपयुक्त होती है। यह अच्छी जल निकासी वाली बलुई दोमट मिट्टी में बहुत अच्छा उत्पादन कर सकता है। किसान चाहे तो विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार दोमट मिट्टी और चिकनी मिट्टी में भी लाल मूली की फसल लगा सकता है। ध्यान रहे कि मिट्टी की पीएम वैल्यू 6.5 से 7.5 के बीच होनी चाहिए। आपको बता दें कि लाल मूली ठंड के मौसम की फसल है, इसकी खेती का सबसे अच्छा समय सितंबर से फरवरी तक है।

खेत की तैयारी

लाल मूली को फ्रेंच मूली भी कहा जाता है, जो एक उच्च कोटि की सब्जी है। कम समय में बेहतर उत्पादन प्राप्त करने के लिए संरक्षित खेती या लाल मूली की पारंपरिक खेती भी की जा सकती है। बुवाई से पहले खेत को जैविक तरीके से तैयार करना चाहिए। इसके लिए 8 से 10 टन गोबर और वर्मीकम्पोस्ट को समान मात्रा में खेत में फैला देना चाहिए, जिससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बेहतर हो। इसके बाद खेत में गहरी जुताई करनी चाहिए, इसके बाद क्यारी या क्यारी बनाकर लाल मूली के बीज बोने से लाभ होगा। इससे जलभराव की समस्या के साथ-साथ खरपतवारों की रोकथाम से भी निजात मिलेगी।

लाल मूली बोना

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार लाल मूली को खेतों में बोने के लिए करीब 8 से 10 किलो बीज की जरूरत होती है। इसकी बुवाई के लिए पंक्ति विधि का प्रयोग करना चाहिए, जिससे फसल में निराई, निराई, निगरानी तथा अन्य कृषि कार्य आसानी से हो सके। लाल मूली के बीज बोने से पहले बीजोपचार करें। इसके बाद पंक्तियों के बीच 30 सेमी. और पौधों के बीच 10 सेमी की दूरी रखते हुए बीज को 2 इंच गहरा रोपें। लाल मूली की फसल से अच्छी उपज के लिए मिट्टी परीक्षण के आधार पर प्रति हेक्टेयर 80 किलो नाइट्रोजन, 60 किलो फास्फोरस और 60 किलो पोटाश भी मिलाया जा सकता है।

लाल मूली की उपज

किसान मिट्टी परीक्षण, सही खेती की तकनीक और सही समय पर लाल मूली बोने से अच्छी पैदावार प्राप्त कर सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक साल 2021 में गोरखपुर के पदरी बाजार के अविनाश कुमार ने भी लाल मूली की फसल लगाई थी. उन्होंने कहा कि लाल मूली की फसल बुवाई के 40-45 दिनों के भीतर तैयार हो जाती है, जो 135 क्विंटल तक उत्पादन कर सकती है। आपको बता दें कि आधुनिक तकनीक यानी पॉलीहाउस या लो टनल में लाल मूली की खेती करके आप अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। किसान चाहें तो पारंपरिक फसलों के साथ मूली की बुआई कर बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।

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