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हरियाणा रोड़वेज में शुरू हो रही है ई-टिकटिंग व्यवस्था, सवारियों को मिलेंगे यें फायदे

Govtvacancy Alert
11 May 2022 4:52 PM GMT
हरियाणा रोड़वेज में शुरू हो रही है ई-टिकटिंग व्यवस्था, सवारियों को मिलेंगे यें फायदे
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हरियाणा रोड़वेज में शुरू हो रही है ई-टिकटिंग व्यवस्था, सवारियों को मिलेंगे यें फायदे

सिरसा । हरियाणा राज्य परिवहन ने भी डिजिटाइजेशन की दिशा में कदम आगे बढ़ा दिए हैं. इसके तहत रोड़वेज कंडक्टरों को कागज की टिकटों व पंच से पूरी तरह से छूटकारा दिलाए जाने की कवायद शुरू हो गई है. इसके लिए सिरसा डिपो में 210 मशीनें पहुंच चुकी है. बहुत जल्द डिपो के कंडक्टरों के हाथों में ये मशीनें होंगी.

योजना के तहत जल्द ही सभी कंडक्टरों के लिए प्रशिक्षण प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. डिपो के तमाम कंडक्टरों को इन मशीनों को चलाने व रखरखाव के बारे में बारीकी से समझाया जाएगा. इसके बाद डिपो की सभी बसों में कागज की टिकटों की बजाय मशीनी टिकट देने का युग शुरू हो जाएगा.

सिरसा डिपो के अधिकारी ने बताया कि अगले महीने के फर्स्ट वीक से ई- टिकटिंग प्रणाली के माध्यम से टिकट काटे जाने शुरू हो जाएंगे. इस व्यवस्था के शुरू होने से बस में मौजूद यात्रियों की संख्या का आंकड़ा परिवहन विभाग के अधिकारियों के पास ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा. मुख्यालय में बैठे अधिकारी के पास केवल एक क्लिक से यह जानकारी उपलब्ध रहेगी कि सिरसा डिपो की किस बस में किस समय, किस रूट पर, कितने यात्री सवार हुए और कितनी आमदनी हुई है.

सिरसा रोड़वेज के जीएम खुशी राम कौशल ने बताया कि इससे सिस्टम में और अधिक पारदर्शिता आएगी. साथ ही इस व्यवस्था के शुरू होने से बसों में फ्री पास और रियायती कोटे के तहत सफर करने वाले यात्रियों को एक नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) जारी किया जाएगा. इस कार्ड को जैसे ही कंडक्टर अपने ई-टिकटिंग कियोस्क पर स्कैन करेगा, यात्री की यात्रा से संबंधित डाटा कंट्रोल रूम में आ जाएगा.

भ्रष्टाचार पर लगेगा अंकुश

ई- टिकटिंग प्रणाली शुरू होने से विभाग में रिवेन्यू लीकेज भी कम होगी और साथ में कंडक्टरों द्वारा किए जाने वाले भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगेगा. कई बार टिकटों के रि- इश्यू करने व नकली टिकटों के मामले सामने आते हैं लेकिन ई- टिकटिंग मशीन से जारी टिकट को न तो रि- इश्यू किया जा सकता है और न ही उसका नकली टिकट काटा जा सकता है.

समय- समय पर रोड़वेज फ्लाइंग द्वारा ऐसे कंडक्टरों को काबू में किया जाता है, जो सवारियों को या तो टिकट देते ही नहीं, या फिर पुरानी टिकट पकड़ा देते हैं. मगर ई- टिकटिंग प्रणाली शुरू होने के बाद कंडक्टर ऐसी गड़बड़ी नहीं कर पाएंगे, यदि करेंगे भी तो उनकी कारस्तानी पकड़ में आ जाएगी.

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