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Bageshwar News: वन भमि ने लटकाई बागेश्वर की पंपिंग पेयजल योजना

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Govt Vacancy, बागेश्वर जिला मुख्यालय में पेयजल की समस्या को दूर करने में वन भूमि का मुद्दा आड़े आ गया है. शहर के लिए 3.7 एमएलडी मंडलसेरा पंपिंग पेयजल योजना लगभग पूरी हो चुकी है। मुख्य टंकी का निर्माण किया जाना है। मुख्य तालाब के लिए प्रस्तावित भूमि पर वानिकी नहीं होने के कारण योजना पूर्ण नहीं हो पा रही है। वन भूमि के निस्तारण का मामला वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के नोडल कार्यालय में लम्बित है। इस योजना के लागू होने से शहर की पेयजल समस्या का समाधान हो जाएगा।

करीब 30 हजार की आबादी वाले बागेश्वर कस्बे को विभिन्न योजनाओं से पानी मिलने के बाद भी ढाई एमएलडी पानी की जरूरत है। शहर में वर्ष 2018-19 से 3.7 एमएलडी की पंपिंग पेयजल योजना का निर्माण किया जा रहा है। शहर में सरयू नदी से बन रहे प्रोजेक्ट का 90 फीसदी से ज्यादा काम पूरा हो चुका है। मुख्य टंकी का निर्माण और कुछ विविध कार्य बाकी हैं।

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      सभी गांवों को सशक्त बनाने की योजना पर काम कर रही अरुणाचल सरकार

 

मुख्य तालाब के लिए चयनित भूमि वन भूमि है। वन भूमि के निस्तारण के लिए पेयजल निगम ने भारत सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के नोडल को प्रस्ताव ऑनलाइन रखा था। वन भूमि निस्तारण की प्रक्रिया चल रही है। वन भूमि के निस्तारण के पश्चात योजना का शेष कार्य पूर्ण किया जायेगा। इसके लिए शहर के लोगों को अभी कुछ और समय का इंतजार करना होगा।


वन भूमि के प्रस्ताव पर भारत सरकार की नोडल सरकार की ओर से कुछ आपत्तियां थीं। आपत्तियों का उत्तर दिया गया है। वन भूमि हस्तांतरण शीघ्र होने की उम्मीद है। वन भूमि हस्तान्तरित होते ही मुख्य तालाब का निर्माण कराया जायेगा। काम पूरा होने के बाद योजना को जनता को समर्पित किया जाएगा।